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Showing posts from April, 2017

आखिर पाकिस्तान हमारा दुश्मन क्यों है?

हमारे यहाँ ही नही, दुनियाभर में सिस्टम बच्चों को यही सिखाती आईं हैं के किसको प्यार करना है, कितना प्यार करना है और कब प्यार करना है। हम पैदा समझदार होते हैं लेकिन हमें स्कूल भेजा जाता है ताकि हम जान पायें की हमारा धर्म सर्वश्रेष्ठ है और दूसरों का धर्म बेकार। हमारे मन मे अलग अलग भय बैठा दिया जाता है ताकि बड़े होकर हम भी उसी सिस्टम का भाग बने। यह धर्म और जाति तक ही सीमित नही होता। हमे बताया जाता है हमें किन देशों को पसंद करना है और किससे नफरत। हम भूल जाते हैं कि अगला भी इन्सान है। हमारी उनके प्रति नफरत हमें यह सोचने भी नही देती की अगले ने हमारा क्या बिगाड़ा। वो तो स्कूल और मीडिया ने कहा दिया कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है। क्या सचमुच वहां रह रहे लोगों ने अपना कुछ बिगाड़ा है? वे भी उसी सिस्टम का शिकार हैं। उन्हें बताया गया कि हिंदुस्तान उनके लिए खतरा है। सिस्टम क्या है? इसके पीछे कौन हैं? क्यों हमे हर पल, हर घड़ी गुमराह किया जा रहा है? इसका उत्तर कभी और दूंगा। अभी इतना जान लीजिए के politicians और media भी उसी सिस्टम का शिकार है। चाह कर भी निर्णय नही ले पाते क्योंकि नमक का हक अदा करन

सेकुलर बनाम तुष्टिकरण - भाई जागो, क्यों 18वी सदी में रहना चाहते हो?

कई सारे देशों का कॉपी पेस्ट है भारतीय संविधान। इसीलिए कुछ भी (नहीं) सही है। एक लाइन जिस बात को recommend करती है, दूसरी लाइन उसे ही prohibit करती है। ऐसे में जनता को झांसा देना (आसान) है। 1952 में तो ज़ल्दी थी। अब बैठ कर इत्मीनान से नया संविधान लिखा जाये। और उसमें पहले secular का मतलब बदला जाये। पहले सेक्युलर शब्द में से तुष्टिकरण हटा दिया जाये। रिजर्वेशन व कोटा बाद में। तुष्टिकरण के चलते बंगाल भी कश्मीर बन गया। तुष्टिकरण के कारण रोज केरल में RSS कार्यकर्ता मारे जा रहें है। और सरकार किसी की भी हो, इस सब से उनका कुछ लेना देना नहीं है। वो तो बस अगले चुनाव की तैयारियों में रहती हैं हमेशा। यहाँ एक्शन भी वोटबैंक के हिसाब से लिया जाता है। कश्मीर में जवानों के हाथ पाँव बांध दिए और बंगाल में ममता को खुली छूट दे रखे हैं कि पुलिस अब हिन्दू उत्सवों पर समुदाय विशेष के लोगों पर लाठियां बरसाती है। उनके प्रार्थनास्थल से घंटियाँ तक छीन लीं जातीं हैं। उधर तमिलनाडु अपने को अलग राष्ट्र ही समझता है। किसी actor-turned-politician ने united states of south का जिम्मा ले लिया है। काट दो। उधर से कश्

Will you want to become Cyberorg? Neuralink aims just at that

Cyberorgs refer to living things that have enhanced abilities due to a computer chip in their brain. The living things could be humans or animals. Right now, there are few human cyberorgs and several lab animal cyberorgs. Cyberorgs can also be biologically grown bodies containing an artificial brain populated with thoughts and ideas of a human body long dead/deceased. Wait. What? Doesn't that mean life after death? Yes, exactly! Elon Musk... the same guy working on electric cars in Tesla Motors, transportation in Hyperloop, an elevator to the moon in SpaceX etc has bought a startup. This new venture is named Neuralink. Now what it does is something you've only seen in movies or read in science fiction books. Neuralink is into creating Cyberorgs. The first thing it is working on is, to enhance qualities of humans by planting a chip into their brains. It is risky. The surgeon has to cut a part of skull to reach brain and then operate on brain to join its nerve centers to